भारतीय जीवन बीमा निगम कहीं आपके परिवार को, बीमा दावा राशि आपकी किश्तों को चुकाने में ना चला जाए
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📌 एलआईसी (LIC) बीमा पॉलिसी क्लेम राशि का उपयोग — अगर आपकी दूसरी ईएमआई (EMI) बकाया हो
जब कोई व्यक्ति एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) की जीवन बीमा पॉलिसी लेता है, तो उसका उद्देश्य यह होता है कि अगर उस व्यक्ति के साथ कुछ अनहोनी (मृत्यु) हो जाए तो उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल सके। एलआईसी उस पॉलिसीधारक के नामांकित (Nominee) व्यक्ति को बीमा राशि देती है।
लेकिन बहुत लोग ये नहीं जानते कि अगर उस व्यक्ति के ऊपर कोई अन्य लोन, ईएमआई, या बैंक का बकाया चल रहा है, तो मरने के बाद उस बीमा राशि पर उन लोन देने वाली कंपनियों या बैंकों का कानूनी हक बन सकता है।
📌 कैसे?
अगर पॉलिसीधारक के ऊपर मृत्यु के समय किसी भी बैंक का लोन या ईएमआई बकाया है, तो उस व्यक्ति की कुल संपत्ति (assets) और देनदारियाँ (liabilities) की लिस्ट बनाई जाती है। बीमा पॉलिसी से मिलने वाली रकम भी उस संपत्ति का हिस्सा मानी जाती है।
कानून के मुताबिक,
👉 पहले बकाया कर्ज, ईएमआई और लोन को चुकाया जाता है।
👉 उसके बाद जो रकम बचती है, वही परिवार या नॉमिनी को दी जाती है।
अगर लोन की राशि बीमा राशि से ज़्यादा है, तो बीमा की पूरी राशि कर्ज चुकाने में चली जाएगी और परिवार को कुछ नहीं मिलेगा।अगर लोन कम है, तो बाकी की बची हुई रकम परिवार को दी जाएगी।
📌 उदाहरण:
मान लीजिए —
बीमा राशि = ₹20 लाख
बकाया होम लोन और पर्सनल लोन = ₹18 लाख
तो सबसे पहले ₹18 लाख बैंक ले लेगा।
फिर बचा हुआ ₹2 लाख परिवार को मिलेगा।
अगर लोन ₹22 लाख होता, तो पूरा ₹20 लाख बैंक ले लेता और परिवार को कुछ नहीं मिलता, बाकी ₹2 लाख का बैंक क्लेम करेगा बाकी संपत्ति से।
📌 बचाव का तरीका:
आप अपने लोन के साथ-साथ टर्म इंश्योरेंस ले सकते हैं जो सीधे परिवार को मिलता है और लोन से जुड़ा नहीं होता।
या आप अपने लोन के लिए लोन प्रोटेक्शन इंश्योरेंस ले सकते हैं, जिससे लोन की भरपाई उसी पॉलिसी से होगी और बाकी एलआईसी की राशि परिवार को सुरक्षित मिलेगी।
वसीयत (Will) बनवा कर भी आप अपनी बीमा राशि के वितरण का स्पष्ट निर्देश दे सकते हैं।
📌 निष्कर्ष:
अगर आपकी मृत्यु के समय आपके ऊपर कोई भी लोन, ईएमआई बाकी है तो बैंक या लोन देने वाली कंपनी, एलआईसी क्लेम राशि में से अपना बकाया ले सकती है। ऐसा होने पर परिवार को पूरी बीमा राशि नहीं मिलेगी। इसलिए बीमा और लोन प्लानिंग करते समय इसका ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है

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